क्रिकेट जगत में इस समय एक ही खबर की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की मालकिन काव्या मारन की एक टीम ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को भी बीच में आना पड़ा। दरअसल, काव्या मारन के मालिकाना हक वाली टीम ने पाकिस्तान के स्टार स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है। जैसे ही यह खबर आई, सोशल मीडिया पर तहलका मच गया। हर कोई यह पूछने लगा कि क्या अब भारतीय मालिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में जगह दे सकते हैं?
क्या है पूरा मामला?
इंग्लैंड में खेली जाने वाली क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) के लिए हाल ही में खिलाड़ियों की नीलामी (Auction) हुई। इस नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद की सहयोगी टीम ‘सनराइजर्स ईस्टर्न केप’ (Sunrisers Eastern Cape) ने हिस्सा लिया। आपको बता दें कि यह वही टीम है जिसने दक्षिण अफ्रीका की T20 लीग (SA20) में लगातार दो बार खिताब जीता है।
इस नीलामी के दौरान सनराइजर्स की टीम ने पाकिस्तान के जादुई स्पिनर अबरार अहमद को चुना। अबरार अहमद अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन जैसे ही एक भारतीय फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने की खबर आई, फैंस के बीच बहस छिड़ गई।
BCCI ने क्या कहा?
भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान में नहीं खेलते और पाकिस्तानी खिलाड़ी IPL का हिस्सा नहीं होते। ऐसे में काव्या मारन की टीम के इस फैसले पर BCCI की चुप्पी टूटना लाजमी था।
BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वे आईपीएल (IPL) के नियमों को लेकर बहुत सख्त हैं। लेकिन, जब बात विदेशी लीगों की आती है, तो वहां नियम थोड़े अलग होते हैं।
BCCI के मुताबिक, “हमें इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि आईपीएल की टीमें विदेशी लीगों में किसे खरीदती हैं। वे वहां स्वतंत्र हैं। हमारा नियंत्रण केवल आईपीएल और भारतीय सरजमीं पर होने वाले मैचों पर है।” बोर्ड के इस बयान से साफ हो गया है कि अबरार अहमद को खरीदने के लिए काव्या मारन की टीम पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।

काव्या मारन और विवादों का नाता
काव्या मारन अक्सर अपनी टीम के प्रति जुनून और नीलामी के दौरान अपनी मौजूदगी के लिए चर्चा में रहती हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की फैन फॉलोइंग बहुत बड़ी है। अबरार अहमद को खरीदना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है क्योंकि वह एक शानदार विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। हालांकि, भारतीय फैंस का एक वर्ग इस बात से थोड़ा नाराज है कि एक भारतीय ब्रांड पाकिस्तानी टैलेंट को प्रमोट कर रहा है।
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पाकिस्तानी खिलाड़ियों और भारतीय मालिकों का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम ने विदेशी लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ी को चुना हो। इससे पहले भी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और राजस्थान रॉयल्स (RR) जैसी फ्रेंचाइजी की विदेशी टीमों ने कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) या UAE की लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका दिया है।
लेकिन अबरार अहमद का मामला इसलिए बड़ा हो गया क्योंकि ‘द हंड्रेड’ एक बहुत बड़ी और प्रतिष्ठित लीग है। साथ ही, काव्या मारन की लोकप्रियता के कारण यह खबर आग की तरह फैल गई।
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अबरार अहमद: कौन हैं ये खिलाड़ी?
अबरार अहमद पाकिस्तान के एक उभरते हुए मिस्ट्री स्पिनर हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ धमाकेदार डेब्यू किया था। उनकी गेंदों को पढ़ना दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों के लिए मुश्किल होता है। सनराइजर्स ईस्टर्न केप को उम्मीद है कि अबरार उनकी टीम की स्पिन गेंदबाजी को और मजबूत करेंगे।
क्या इससे IPL के नियम बदलेंगे?
कई फैंस को लग रहा था कि शायद इस कदम के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए IPL के दरवाजे खुल जाएंगे। लेकिन BCCI ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की एंट्री पर अभी भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है। बोर्ड का मानना है कि विदेशी लीग में जो होता है, उसका असर आईपीएल की नीतियों पर नहीं पड़ेगा।
काव्या मारन की टीम ‘सनराइजर्स ईस्टर्न केप’ ने अबरार अहमद को खरीदकर खेल के मैदान पर एक साहसी फैसला लिया है। BCCI ने भले ही इस पर कोई आपत्ति न जताई हो, लेकिन भावनाओं के स्तर पर यह मामला अभी भी गरमाया हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अबरार अहमद ‘द हंड्रेड’ में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या भारतीय फैंस उन्हें स्वीकार कर पाएंगे।