भारत में आम आदमी की रसोई के बजट पर एक बार फिर दबाव बढ़ता दिख रहा है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव ने न केवल वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, बल्कि भारत में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की कीमतों और सप्लाई चेन को भी हिला कर रख दिया है। आज, 12 मार्च को देश के विभिन्न शहरों में गैस सिलेंडर की कीमतों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं।
मिडिल ईस्ट संकट: भारत में क्यों बढ़ रहे हैं LPG के दाम?
भारत अपनी एलपीजी (LPG) जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात (Import) करता है। इसमें से एक बड़ा हिस्सा कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों से आता है। वर्तमान में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर संकट खड़ा हो गया है।
शिपिंग कंपनियों ने युद्ध के जोखिम के कारण बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) बढ़ा दिया है और कई जहाजों को लंबे रास्तों से आना पड़ रहा है। इसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की लागत पर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में शांति बहाल नहीं होती, तब तक कीमतों में स्थिरता आना मुश्किल है।
आज की ताजा दरें: महानगरों में LPG का हाल (14.2 kg घरेलू सिलेंडर)
तेल कंपनियों (OMCs) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 मार्च को देश के प्रमुख शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | घरेलू LPG (14.2 kg) | कमर्शियल LPG (19 kg) |
| नई दिल्ली | ₹913.00 | ₹1,884.50 |
| मुंबई | ₹912.50 | ₹1,836.00 |
| कोलकाता | ₹939.00 | ₹1,988.50 |
| चेन्नई | ₹928.50 | ₹2,043.50 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 | ₹1,958.00 |
| हैदराबाद | ₹965.00 | ₹2,105.50 |
| अहमदाबाद | ₹910.00 | ₹1,870.00 |
| पुणे | ₹915.00 | ₹1,900.00 |
| जयपुर | ₹916.50 | ₹1,913.00 |
| लखनऊ | ₹950.50 | ₹2,007.00 |
| पटना | ₹1,002.50 | ₹2,133.50 |
| चंडीगढ़ | ₹922.50 | ₹1,880.00 |
अन्य महत्वपूर्ण शहरों की सूची
| शहर | राज्य | घरेलू LPG दर (₹) |
| गुरुग्राम | हरियाणा | ₹921.50 |
| नोएडा | उत्तर प्रदेश | ₹910.50 |
| भुवनेश्वर | ओडिशा | ₹939.00 |
| तिरुवनंतपुरम | केरल | ₹922.00 |
| गुवाहाटी | असम | ₹950.00 |
| भोपाल | मध्य प्रदेश | ₹918.50 |
| रांची | झारखंड | ₹970.50 |
| रायपुर | छत्तीसगढ़ | ₹984.00 |
| देहरादून | उत्तराखंड | ₹932.00 |
| श्रीनगर | जम्मू और कश्मीर | ₹964.50 |
| विजयवाड़ा | आंध्र प्रदेश | ₹937.50 |
| कोच्चि | केरल | ₹925.00 |
| इंदौर | मध्य प्रदेश | ₹920.00 |
| लुधियाना | पंजाब | ₹954.00 |
| आगरा | उत्तर प्रदेश | ₹925.50 |
| वाराणसी | उत्तर प्रदेश | ₹976.50 |
| कानपुर | उत्तर प्रदेश | ₹928.00 |
| प्रयागराज | उत्तर प्रदेश | ₹965.50 |
| मेरठ | उत्तर प्रदेश | ₹910.50 |
| सूरत | गुजरात | ₹920.50 |
| नागपुर | महाराष्ट्र | ₹912.50 |
| विशाखापत्तनम | आंध्र प्रदेश | ₹937.50 |
| मदुरै | तमिलनाडु | ₹928.50 |
| कोयंबटूर | तमिलनाडु | ₹928.50 |
| जबलपुर | मध्य प्रदेश | ₹918.50 |
| ग्वालियर | मध्य प्रदेश | ₹918.50 |
| अमृतसर | पंजाब | ₹954.00 |
| जालंधर | पंजाब | ₹954.00 |
| शिमला | हिमाचल प्रदेश | ₹958.50 |
| ईटानगर | अरुणाचल प्रदेश | ₹978.50 |
| इंफाल | मणिपुर | ₹1,064.50 |
| आइजोल | मिजोरम | ₹1,065.00 |
| कोहिमा | नागालैंड | ₹932.00 |
| अगरतला | त्रिपुरा | ₹1,073.50 |
| पोर्ट ब्लेयर | अंडमान और निकोबार | ₹989.00 |
| सिलवासा | दादरा और नगर हवेली | ₹927.50 |
| गंगटोक | सिक्किम | ₹1,065.50 |
| पांडिचेरी | पुडुचेरी | ₹925.00 |
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
सिर्फ घरेलू रसोई गैस ही नहीं, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगभग ₹144 तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
- दिल्ली में कमर्शियल रेट: ₹1,884.50
- कोलकाता में कमर्शियल रेट: ₹1,988.50
- चेन्नई में कमर्शियल रेट: ₹2,043.50
कीमतों में इस बढ़ोतरी की वजह से बाहर खाना भी महंगा हो सकता है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने चेतावनी दी है कि यदि सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।
सप्लाई में किल्लत और नए नियम
कीमतों के अलावा, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में गैस की किल्लत (Shortage) की खबरें भी आ रही हैं। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से सप्लाई चेन बाधित हुई है। इसी को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं:
25 दिनों का गैप नियम: सरकार ने रिफिल बुकिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर रखने का नियम सख्ती से लागू किया है ताकि लोग पैनिक बुकिंग (Panic Booking) न करें।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता: सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Users) को दी जाएगी ताकि लोगों के घरों में चूल्हा जलता रहे। रेलवे और बड़े होटलों में सप्लाई को लेकर अस्थायी चुनौतियां आ सकती हैं।
आम जनता के लिए राहत की बात क्या है?
भले ही कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त गैस भंडार (Reserves) मौजूद है। सरकार ‘भारत फर्स्ट’ नीति के तहत रूस और अन्य देशों से भी वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम की जा सके। इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी उनके बैंक खातों में जारी रहेगी, जिससे गरीब तबके पर इसका बोझ कम पड़ेगा।